एकद्वार प्रणालीकेँ प्रभावकारी रूपमे कार्यान्वयन करबाक चाही: प्रधानमन्त्री
काठमाण्डू, १२ फागुन: प्रधानमन्त्री सुशीला कार्की राज्यद्वारा गैरसरकारी सङ्घ–संस्थाक सहजीकरणक लेल एकद्वार प्रणालीकेँ प्रभावकारी रूपमे कार्यान्वयन करबाक आवश्यकता भेल बतौलैन अइछ। समाज कल्याण परिषद्के आइ डिजिटल सेवा प्रवाह प्रणाली शुभारम्भ करैत ओ परिषद् राज्यक सहयोगी, सामाजिक सङ्घसंस्थाके छाता संस्था तथा स्वायत्त निकायक रूपमे आओर सुदृढ होएब आवश्यक रहल बतौलैन।
प्रधानमन्त्री कार्की कहलैन, “समाज कल्याण ऐन अनुसार नियमन, सहजीकरण तथा अनुगमन–मूल्याङ्कन काज प्रभावकारी बनेबाक लेल परिषद्केँ पर्याप्त पूर्वाधार, साधन आ स्रोत उपलब्ध करेबाक आवश्यकता छै, अइमे सरकारक सम्बन्धित निकायसभक सेहो ध्यानाकर्षण होएब।”
आइ शुभारम्भ कएल गेल डिजिटल सेवा प्रवाह प्रणालीसँ परिषद्क काजकारबाहीकेँ जल्दी, पारदर्शी आ अनुमानयोग्य बनत से हुनकर विश्वास अइछ। अइसँ गैरसरकारी संस्थासभहक योगदान सम्बन्धी एकीकृत तथ्याङ्क तैयार हेत आ विकास सहायता देशक लक्ष्य, प्राथमिकता तथा आवश्यकता अनुसार परिचालित भेल वा नै से अनुगमन करब सहज हेतै से प्रधानमन्त्री कार्की बतौलैन।
ओ कहलैन, “समाजक प्रत्येक सदस्य विकासक मूल प्रवाहमे समाहित होबाक वातावरण बनाएब राज्य आ नागरिक सङ्घ–संस्थाके साझा दायित्व छी, हमसभ समाजक अभिन्न अंश छी आ समाजे अपन मूल्य, मान्यता आ सभ्यताक धरोहर अइछ।”
जे कोणसँ व्याख्या कएलोपर, स्वार्थसँ उपर उइठ क समाजक समग्र उन्नतिक लेल समर्पित होएब सएह सही अर्थमे समाज सेवा रहल बतौलैन। सेवाक भावना जीवित रहलोपर समाजमे शान्ति, सद्भाव आ न्याय सुरक्षित रहत से ओ उल्लेख कएने छैथ। गैरसरकारी सङ्घ–संस्थासभ स्वास्थ्य, शिक्षा, सशक्तीकरण, समावेशीकरण, गरिबी निवारण, सामुदायिक विकास आ वातावरण संरक्षण जका विविध क्षेत्रमे महत्त्वपूर्ण योगदान रहल बतौलैन।
जनसहभागिता, मितव्ययिता, लक्षित वर्गमुखी कार्यक्रम आ स्वयंसेवी भावनाकेँ आत्मसात् करैत आगाँ बढ़लापर गैरसरकारी संस्था सभक सान्दर्भिकता आओर बढ़त से हुनकर विश्वास अइछ।
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