संविधान संशोधनक लेल गठित कार्यदलद्वारा कानुनविदसँ परामर्श

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काठमाण्डू, १५ वैशाखः संविधान संशोधनक लेल बहसपत्र तैयार करबाक लेल गठित कार्यदल–२०८२ संविधान आ कानुनविदसभसँ परामर्श केलक अइछ । प्रधानमन्त्रीके राजनीतिक सल्लाहकार असिम शाह संयोजक रहल कार्यदल सोमदिन प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद कार्यालयमे संविधान आ कानुनविदसभसँ परामर्श केलक अइछ ।

परामर्शमे कार्यदलके सदस्य सचिव लीलाधर सुवेदी संविधान संशोधनक आवश्यक विषयमे प्रस्तुति देने छलैन । संविधान संशोधनक लेल शासकीय स्वरूप, प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यकारी राष्ट्रपति, विज्ञ मन्त्री होबाक, सांसद मन्त्री नै होबाक व्यवस्था, मन्त्रिपरिषद गठन, मन्त्रीके जवाफदेहिता, निर्वाचन प्रणाली, विदेशमे रहल नागरिकके मताधिकार परामर्शक विषयसभ होबाक विषयमे ओ प्रस्तुति देने छलैन । व्यवस्थापिकाके सुधार, राष्ट्रिय सभा अध्यक्ष/उपाध्यक्षके भूमिका, निर्वाचनमे गठबन्धन संस्कृतिकेँ कोना व्यवस्थित बनाएल जा सकैय, सङ्घीयताके प्रभावकारिता, स्थानीय तहकेँ कोना उत्तरदायी बनाएल जा सकैयलगायत विषयमे ओ प्रस्तुति देलैन । तहिना, दलविहीन स्थानीय तह वा दलीय व्यवस्थासहित, स्वतन्त्र निष्पक्ष आ सक्षम न्यायपालिका, प्रधानन्यायाधीशके नियुक्ति, योग्यता पदावधि, उमेर, आचरण अनुशासन, सर्वोच्च अदालत, उच्च अदालत आ जिला अदालतक न्यायाधीशके नियुक्ति, योग्यता पदावधि, न्यायपालिकामे हुअबला विकृति आ भ्रष्टाचारके निवारण, न्याय परिषदक संरचना, प्रतिस्पर्धासँ न्यायाधीश नियुक्तिके विषय सेहो ओ सझिया केलैन । संवैधानिक निकायके सङ्ख्या, पदाधिकारीके सङ्ख्या, पदाधिकारी नियुक्तिकेँ कोना उत्कृष्ट बनाओल जा सकैय लगायत विषय संविधान संशोधनक लेल परामर्शक विषय होबाक चाही से प्रस्तुतीकरणके क्रममे सदस्य सचिव सुवेदी बतौलैन । परामर्शमे संविधानविद पूर्णमान शाक्य संविधानक आधारभूत संरचनाकेँ विचार क मात्रे संविधान संशोधन करबाक चाही से धारणा व्यक्त केलैन । संविधानविद डा. विपिन अधिकारी पूर्ण संसदीय व्यवस्था कायम करबाक आ प्रधानमन्त्रीकेँ संसद विघटनक अधिकार देनाइ उपयुक्त होबाक धारणा व्यक्त केलैन । संविधानविद राधेश्याम अधिकारी संविधान नागरिक आ सरकार बीच सम्बन्ध स्थापित करैबला पुल भेलासँ संविधान जेहन विषय अगुताए क संशोधन करएसँ बेसी व्यापक परामर्श आ बहस होबाक चाही से धारणा व्यक्त केलैन । वरिष्ठ अधिवक्ता मिरा ढुङ्गाना संविधानमे महिलाके अधिकारक बारेमे आओर स्पष्ट करैत लैङ्गिक सहभागिता बढ़ेबाक चाही से धारणा व्यक्त केलैन । कार्यदलक संयोजक शाह कार्यदलके सदस्य तथा आदरणीय विज्ञ व्यक्तित्वसभ देने सुझावकेँ मनन क संविधान संशोधनक बहसपत्र तैयार करबाक विषयमे प्रतिबद्धता व्यक्त कएने कार्यदलक सदस्य सचिव एवं प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद कार्यालयके कानुन तथा फैसला कार्यावंयन महाशाखा प्रमुख सुवेदी जानकारी देलैन ।

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